Friday, January 6, 2017

दीप पर्व २००९

दीप पर्व २००९
दीप भरे हमने
घी से, तेल से, मोम से और पता नहीं किस-किस से...
पर वे भरते हमें रोशनी से 
ताकि निहार सकें हम 
चहुँ-ओर... 
लेकिन गुजारिश है मेरी आप से 
कि आप भरें हमें अपने आशी:वचनों से
इस २००९ के दीप पर्व पर 
जिससे सचमुच हम 
निहारने-लायक बन सकें
बाहर से भीतर तक  
आस-पास
सब ओर
और
कम से कम अपनी ओर तो जरूर..
--
वृ. प्र. जैन

17-10-09